Multiplexing in hindi // what is multiplexing and its type // मलतिपलेक्सीनग क्या है उसके प्रकार \\ demultiplexing
मल्टीप्लेक्सिंग तकनीक का वर्णन कीजिए ?
definition
कई ट्रांसमीटर के माध्यम द्वारा प्रसारित किए गए डाटा को एक साथ एक संचालन में जोड़े जाने वाली क्रिया को मल्टीप्लेक्सिंग कहते हैं यह प्रक्रिया तीन प्रकार की होती है .
मल्टीप्लेक्स इन का अर्थ होता है के किसी भी प्रकार के डाटा को एकत्र करके उसे एक साथ संचार लाइन में भेज दिया जाता है अर्थात इन केबलों में मल्टी कार्य करने के लिए प्रयोग करते हैं |
1 स्पेस डिविजन मल्टीप्लेक्सिंग SDM space division multiplexing
इस प्रकार की तकनीक में अनेक संचार लाइनों का एक समूह बनाकर उसे एक संचार लाइन में बदल दिया जाता है जिसमें मुख्य लाइन कहते हैं टेलीफोन लाइन इसी प्रकार की मल्टीप्लेक्सिंग तकनीक का उदाहरण है .
2 Frequency Division multiplexing फ्रिकवेंसी डिविजन मल्टीप्लेक्सिंग
इस तकनीक में संचालन को उसकी कुल तीव्रता अथवा बैंडविथ के आधार पर निर्धारित किया जाता है |केबल , टीवी आदि इसी प्रकार का उदाहरण है |
3 टाइम डिविजन मल्टीप्लेक्सिंग TDM time division multiplexing
इस तकनीक में संचार लाइन को समय के आधार पर विभिन्न ट्रांसमीटर को सौंप दिया जाता है प्रत्येक ट्रांसमीटर को एक निश्चित समय के लिए संचालन उपलब्ध कराई जाती है |
Demultiplexing -
इकट्ठे प्राप्त हुए डाटा को अलग-अलग करके उनके रिसीवर तक पहुंचाने की क्रिया को डिमल्टीप्लेक्सिंग कहते हैं अर्थात डीमल्टीप्लेक्स सभी डाटा को एकत्र कर लेता है और फिर अलग-अलग रिसीवर के पास भेज देता है यह मल्टीप्लेक्सिंग के विपरीत क्रिया होती है .
डाटा कंसंट्रेटर -
जब दो कंप्यूटर के मध्य डाटा संचालित हो रहा हो और कंप्यूटर की गति बहुत तेज यह बहुत कम हो ऐसी स्थिति में संचार लाइन जामिया खाली हो सकती है डेटा संचरण ठीक प्रकार से हो इसके लिए डाटा कॉन्स्टेबल की आवश्यकता पड़ती है जो दोनों की गति को व्यवस्थित करता है जिससे डाटा के आदान-प्रदान में किसी भी प्रकार की समस्या उत्पन्न नहीं होती है यह पूरी तरह बफरिंग से कहलाती है .
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