सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

Binary arithmetic|| बाइनरी अंकगणित || संख्यापद्धती || BCD Code || EBCDIC Code || ASCII Code लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Binary arithmetic|| बाइनरी अंकगणित || संख्यापद्धती || BCD Code || EBCDIC Code || ASCII Code

 Introduction of binary arithmetic  - डिजिटल कंप्यूटर में आंकड़े डिजिटल संकेतों के रूप में स्टोर किए जाते हैं क्योंकि कंप्यूटर हमारी भाषा को नहीं समझते हैं वह सिर्फ बैनरी भाषा को समझते हैं जिससे कि वह अपने डाटा को भी बैनर फॉर्म में स्टोर करके रखते हैं यदि संकेत कमान 0 वोल्ट है तो इसको बैनरी 200 से प्रदर्शित करते हैं और अगर प्लस 5 वोल्ट है तो इसको बैनर्जी बेट एक से प्रदर्शित करते हैं कंप्यूटर की प्राइमरी मेमोरी कई जिलों का समूह होता है जिसमें बैनरी अंकों के रूप में डाटा स्टोर होता है प्रत्येक कंप्यूटर की प्राइमरी मेमोरी की छमता आवश्यकता अनुसार अलग-अलग होती है इसकी स्टोर करने की क्षमता को बढ़ाया वह घटाया जा सकता है बैटरी के आठ अंग मिलकर एक अक्षर स्टोर करते हैं अर्थात बायनरी में 8 अंक हो जाते हैं तो हिंदी का एक अक्षर स्टोर होता है . महत्वपूर्ण बिंदु Data unit - Bit unit --  बायनरी संख्या प्रणाली में अंक जीरो और एक को बिट कहते हैं बीट का पूरा नाम बैनरी डिजिट होता है 0 या 1 को ही बैनरी डिजिट कहते हैं . यह डाटा की सबसे छोटी इकाई होती है यही बिट कंप्यूटर में स्टोर होते हैं । Nib...