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पूर्णांकों का बैनरी प्रदर्शन // Binary Representation of integers

Note- अगर आपको इस लेख में कुछ समझ में ना आए तो पहले नीचे दी हुई लिंक में क्लिक करें 
क्योंकि अगर आपको बाइनरी में जोड़ घटाव गुणा नहीं आएगा तो आपको इस टॉपिक में कुछ भी समझ नहीं आने वाला इसलिए पहले लिंक पर क्लिक करके लेख पढ़ ले .






कंप्यूटर की मेमोरी में पूर्णांकों को दर्शाने के निम्न तरीके हैं
1. चिन्ह तथा मेग्नीट्यूड प्रदर्शन - 
यह धनात्मक तथा ऋण आत्मक संख्याओं को एनकोड करने का आसान तरीका है सभी बायनरी रिप्रेजेंटेशन में बाई और की सबसे किनारे वाली बाइनरी डिजिट को मोस्ट सिग्निफिकेंट बिट most Significant bit (MSB) या sign bit तथा दाएं और की सबसे किनारे वाली बाइनरी डिजिट को लिस्ट सिग्निफिकेंट बिट least Significant bit (LSB) कहते हैं . यदि साइन बिट जीरो है तो बाइनरी डिजिट धनात्मक होगी तथा यदि साइन बिट 1 है तो बायनरी डिजिट ऋण आत्मक होगी ।

          1    1     0     1     0     1      1        1
     MSB                                             LSB

उदाहरण - 20 का 8 बिट चिन्ह तथा मेग्नीट्यूडद्वारा बायनरी संख्या में दर्शाइए ?
हल -       0    0    0   1   0    1    0    0
          MSB

8 बिट चिन्ह तथा मैग्नेटिक विधि में 20 का बैनर ईपरिवर्तन 10100 को बॉई ओर से लिखते हैं तथा शेष बचे बिट में 0 भर देते हैं इसमें एमएसबी MSB "0" है अतः यह एक धनात्मक संख्या है ।
उदाहरण 2 - 56 का 8 बिट चेन्नई तथा मेग्नीट्यूड विधि द्वारा बायनरी संख्या में ?
हल-  0     0     1     1     1    0    0     0
    MSB

8 बेटे चिन्ह तथा मैग्नेटिक विधि में 56 का बैइनरी परिवर्तन
111000 को बाईं ओर से लिखते हैं तथा शेष बची पेट में जीरो भर देते हैं इसमें MSB "0" है अतः यह धनात्मक संख्या है ।
उदाहरण 3 -  22 को 8 बिट चिन्ह तथा मेग्नीट्यूड विधि द्वारा बायनरी संख्या में दर्शाइए ?
हल-  1   0   0    1   0    1    1     0
    MSB

-22 एक ऋण आत्मक पूर्णांक है इसलिए MSB"1" होगा
(MSB का बायनरी मान एक दर्शाता है कि पूर्णांक संख्या ऋण आत्मक है) तथा पूर्णांक 22 का बायनरी परिवर्तन 10110 को बाई ओर से लिखते हैं तथा शेष बची बिट में जीरो भर देते हैं ।

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2.    1's पूराक प्रदर्शन ? 1' Complement Representation ) -

किसी बायनरी संख्या का 1's पूरक प्राप्त करने के लिए जीरो बायनरी बिट को 1 तथा 1 बाइनरी बिट को 0 में बदल देते हैं ।

बायनरी संख्या - 1010110
का 1's पूरक - 0101001
इसमें बाइनरी संख्याओं को उल्टा किया जाता है जहां जीरो होगा तो वहां एक लिख देंगे जहां एक होगा तो वहां जीरो लिख देंगे ऐसे विपरीत लिखते हैं बायनरी संख्या के ।

उदाहरण- 17 का 8 बिट बाइनरी में 1s पूरक ज्ञात कीजिए
             17 का बायनरी मान - 000 10001
         का 1s पूरक मान  - 11101110


उदाहरण- 15 का 8 बिट बाइनरी में 1s पूरक ज्ञात कीजिए
हल    -   15 का बायनरी मान- 00001111
            का 1s पूरा का मान - 11110000 


3. 2's पूरक (2's complement Representation)
     किसी भी पूर्णांक का 2's पूरक ज्ञात करने के लिए उस       पूर्णांक का 1's पूरक ज्ञात करने के उपरांत उसके              एलएसबीLSB में एक 1 जोड़ देते हैं ।

बायनरी संख्या - 10 10 110
का 1's पूरक  - 0101001
                                +1
का 2's पूरक -  0101010

उदाहरण 31 का 8-bit बायनरी में 2's पूरक ज्ञात कीजिए
पूर्णांक संख्या के धनात्मक मान 31 का सर्वप्रथम बायनरी ज्ञात कर लेते हैं उसके बाद उसका 1's पूरक निकालकर उसके एलएसबी LSB में एक 1 जोड़ देते हैं  ।
बायनरी संख्या -  0 0 0 1 1 1 1 1
का 1's पूरक   -  1 1 1 0 0 0 0 0
                                          + 1
 का 2's पूरक -   1 1 1 0 0 0 0 1


महत्वपूर्ण प्रश्न 
1.    1s पूरक तथा 2s पूरक में अंतर स्पष्ट करें ?
2 .   कलेक्टर रिप्रेजेंटेशन से आप क्या समझते हैं ?


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