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file handling || file pointer || फाइल हैंडिलिंग

फाइल हैंडलिंग या यह फाइल ऑपरेशन



File फाइल -  

कोई फाइल डिस्क का एक ऐसा स्थान है जहां संबंधित डाटा को एक समूह के रूप में स्टोर किया जाता है ।

फाइल डिस्क पर एक प्रकार का स्थान होता है जहां डाटा को स्टोर किया जाता है कंप्यूटर में इस प्रकार की फाइलों सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस में संग्रहित किया जाता है कुछ सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस निम्न है जैसे हार्ड डिस्क ड्राइव डीवीडी क्लाउड स्टोरेज यूएसबी एसडी कार्ड इत्यादि सेकेंडरी स्टोरेज डिवाइस जो फाइलों को स्टोर करके रखते हैं .

फाइल में लिखे डाटा के अनुसार फाइल दो प्रकार की होती है 

1 भौतिक फाइल - भौतिक फाइल को डाटा फाइल भी कहा जाता है .

2 प्रोग्राम फाइल - प्रोग्राम फाइल को लॉजिकल फाइल भी कहा जाता है .

सी भाषा में ऐसे प्रोग्राम लिखे जाते हैं जिनके द्वारा डाटा फाइल का निर्माण होता है डाटा फाइल का निर्माण करने के लिए एक प्वाइंटर वेरिएबल की आवश्यकता होती है जिसमें फाइल का एड्रेस स्टोर होता है फाइल का नाम एवं फाइल मोड की भी आवश्यकता होती है जैसे

Int *p ;

P=fopen(“data.txt”,“w”);

फाइल के विभिन्न मोड

“w”  (write mode) - फाइल में डाटा लिखने के लिए

“r”    (read mode) - फाइल में डाटा पढ़ने के लिए

“a”  (append mode) - फाइल में और डाटा लिखने के लिए

“rb” (read in binary mode)- बैटरी मोड की फाइल से डाटा पढ़ने के लिए क्योंकि कंप्यूटर में बाइनरी डिजिट होती हैं जीरो और एक तो उसे अपनी लैंग्वेज में पढ़ने के लिए आर बी का प्रयोग करते हैं .

“wb” ( write in binary mode)- बैटरी मोड की फाइल में डाटा लिखने के लिए .

फाइल में ऑपरेशन की क्रियाएं

  • फाइल को खोलना 
  • फाइल का नाम देना 
  • फाइल के डाटा को रीड करना 
  • फाइल में कुछ लिखना फाइल में संशोधन करना 
  • फाइल में सर्च करना
  •  फाइल को बंद करना इत्यादि

डेटा संग्रह करने तथा उनके उपयोग के आधार पर फाइलों के प्रमुख दो प्रकार हैं - 

1 क्रमिक फाइल 

2 रेंडम फाइल

1 क्रमिक फाइल - क्रमिक फाइल सीक्वेंशियल फाइल के नाम से भी जानते हैं क्रमिक फाइल का डाटा एक क्रम से एक्सेस किया जाता है इस फाइल में डाटा जिस क्रम में स्टोर किए जाते हैं उसी क्रम में रीड (read)भी किए जाते हैं . अर्थात अगर आपने 10 रिकॉर्ड कंप्यूटर में सेव किया है और आपको नौवें नंबर का रिकॉर्ड सुनना है तो आप सीधे नौवें नंबर का रिकॉर्ड नहीं सुन सकते हैं पहले आपको पहला नंबर सुनना होगा दूसरा तीसरा चौथा पांचवा इस प्रकार आपको पूरे सीरियल नंबर से 8 नंबर तक सुनना पड़ेगा इसके बाद आप 9 नंबर सुन पाएंगे लेकिन आप सोचें कि हम सीधे नवा नंबर का रिकॉर्ड सुन ले तो ऐसा संभव नहीं है इसी क्रम को क्रमिक फाइल कहते हैं अर्थात किसी फाइल को क्रम के अनुसार प्राप्त करना .

उदाहरण के लिए हम एक चुंबकीय टेप में संग्रहित गाने को उसके कर्म के अनुसार सुनते हैं यदि हमें अपने मनपसंद के गाने को सुनना है तो हमें उस गाने तक पहुंचने के लिए उसके कर्म से जाना होता है इस प्रकार हम कह सकते हैं कि क्रमिक फाइल में डाटा को क्रम के अनुसार ही एक्सेस अर्थात प्राप्त कर सकते हैं .

क्रमिक फाइल का साधारण रूप होता है कि आप किसी भी प्रकार के डाटा को क्रम से प्राप्त करना भ्रमित फाइल कहलाते हैं .

2 रेंडम फाइल random file- इस प्रकार की फाइल डाटा किसी भी क्रम में लिखा पढ़ा यह संग्रहित किया जाता है अर्थात इसमें डाटा का कोई निश्चित क्रम नहीं होता है इसके डाटा को सीधे पढ़ा जा सकता है .

इसमें किसी विशेष आंकड़े पर पहुंचने के लिए किसी क्रम विशेष की आवश्यकता नहीं होती है इसी कारण रेंडम फाइल क्रमिक फाइलों की तुलना में अधिक तीव्र होती हैं .

रेंडम फाइल ऐसी फाइल होती है जिसमें आप अपने डाटा को कहीं से भी किसी भी प्रकार से एक्सेस कर सकते हैं जबकि क्रमिक फाइल में ऐसा नहीं होता था अमित फाइल में आपको क्रम से ही सभी चीजों को लेना पड़ता था जैसे आपक दूसरे नंबर पर फाइल चाहिए वह देखें तो पहले आपको पहले नंबर की फाइल देखना पड़ता था इसके बाद दूसरा नंबर आता था लेकिन रेंडम फाइल में ऐसा होता है कि आपको दूसरी फाइल देखनी है तो सीधे आप दूसरी फाइल देख सकते हैं .

कान्हा खाए रेंडम फाइल का एक उदाहरण है -

कंप्यूटर की हार्ड डिस में संग्रहित डाटा को कहीं से भी एक्सेस किया जा सकता है

क्योंकि इसमें डाटा को ट्रैक एवं सेक्टर के रूप में संग्रहित किया जाता है इस कारण हम जिस फाइल या डाटा को एक्सेस करना चाहते हैं उसी ट्रैक को हम सीधे पढ़ सकते हैं इसी कारण रेंडम फाइल क्रमिक फाइल की तुलना में अधिक तीव्र होती है .

फाइल प्वाइंटर क्या है 

सी भाषा में फाइल को रीड तथा राइट करने में फाइल प्वाइ टर का प्रयोग किया जाता है अर्थात यदि आप सी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज लिखते हैं तो उसे रीड ओर राइट करने के लिए फाइल प्वाइंटर का ही प्रयोग किया जाता है इसके बिना आप सी भाषा में नहीं लिख सकते हैं फाइल प्वाइंटर स्ट्रक्चर का वह प्वाइंटर होता है जिसमें फाइल से संबंधित समस्त सूचनाएं समाहित रहती हैं जिससे आपसे प्रोग्रामिंग में कार्य करते हैं सी प्रोग्रामिंग में आप जो भी प्रोग्राम लिखते हैं वह सभी फाइल पेंटर की सहायता से लिखते हैं और जो डाटा स्टोर होता है वहीं पर ही होता है ।

Syntax -

File *fp;

फाइलों के कुछ मुख्य फंक्शन

1 Fopen() इसका प्रयोग नई फाइल के निर्माण से पहले बनी फाइल को पढ़ने में खोलने के लिए किया जाता है इसका स्ट्रक्चर कुछ इस प्रकार है

fopen (“file name”,”mode”);

2 fclose() इसका प्रयोग खोली गई फाइल पर कार्य करने के बाद उस फाइल को बंद करने के लिए करते हैं .

fclose(fptr);

3 fgetch() यह getchar () फंक्शन के समान होता है किसी फाइल से एक कैरेक्टर को पढ़ने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है .

fgetch (fptr);

4 fputc () - यह putchar() फंक्शन के समान होता है किसी फाइल से एक कैरेक्टर को लिखने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है .

fputc (variable , fptr); 

5 fprintf () यह printf () फंक्शन के समान होता है अंतर केवल इतना है कि printf () स्क्रीन पर डाटा दिखाता है जबकि fprint () फाइल में डाटा लिखता है.

fprintf (variable,fptr);

6 feof () यह किसी फाइल के अंत को जांचने के लिए प्रयोग किया जाता है .

feof (fptr);

7 ferror () बड़ा फंक्शन का उपयोग किसी फाइल के error( गलती ) को बताने के लिए किया जाता है .

8 fscanf () फंक्शन प्वाइंटर द्वारा निर्देशित पर से डाटा प्राप्त करने के लिए प्रयोग किए जाते हैं .

*scanf () फंक्शन कीबोर्ड के द्वारा डाटा को प्राप्त करता है लेकिन fscanf () फंक्शन फाइल से डाटा प्राप्त करता है .

9 fseek () इस फंक्शन का प्रयोग पायल के किसी विशेष बाइट पर फाइल प्वाइंटर को पहुंचाने के लिए किया जाता है

Syntax - fseek (stream,displacement,pointer_position);

10 ftell () यह फंक्शन फाइल की करंट पोजिशन को बताता है .

11 rewind () यह फंक्शन फाइल प्वाइंटर को फाइल के प्रारंभ में ले जाने का कार्य करता है .

12 feof () यह फंक्शन जांच करता है कि फाइल प्वाइंटर फाइल के अंत में पहुंचा है कि नहीं .

13 fflush () इस फंक्शन का प्रयोग फाइल के बफर को क्लीन करने के लिए किया जाता है .

डायरेक्टरी के बारे में बताइए

सेव किया गया डॉक्यूमेंट फाइल कहलाता है सेव किए गए डॉक्यूमेंट को अलग-अलग समूहों में बांटा जा सकता है यह समूह ही डायरेक्टरी कहलाते हैं .

स्ट्रीम तथा फाइल में क्या अंतर है

एक्सट्रैक्ट इंटरफेस को स्ट्रीम तथा डाटा के समूह जो स्टोर किया जाए फाइल कहलाती हैं .

फाइल प्वाइंटर को फाइल के आरंभ में ले जाया जाता है

Rewind 

कमांड लाइन पैरामीटर क्या होते हैं ?

जब प्रोग्राम को क्रिया मानते किया जाता है तो सबसे पहले मेन फंक्शन कॉल होता है किसी प्रोग्राम को ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा उस प्रोग्राम के नाम का प्रयोग करके रन किया जा सकता है यदि प्रोग्राम के नाम के साथ कुछ पैरामीटर भी लिखे जाएं तो वह प्रोग्राम के कोड को पास हो जाते हैं इन पैरामीटर को ऑपरेटिंग सिस्टम की कमांड लाइन में लिखा जाता है अतः इन्हें कमांड लाइन पैरामीटर कहा जाता है कमांड लाइन पैरामीटर या अरगुमेंट सी प्रोग्राम के मेन फंक्शन द्वारा ग्रहण किए जाते हैं मेन फंक्शन के दो पैरामीटर होते हैं -arge और argv . यदि प्रोग्राम को कोई कमांड लाइन पैरामीटर पास नहीं किया जा रहा है तो मेन के हैडर में नहीं लिया जाता ।


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