FUNCTION KYA HAI :WHAT IS FUNCTION : FUNCTION PROTOTYPE IN C IN HINDI ; RECURSION IN C IN HINDI / फंक्शन क्या है
FUNCTION
'' C '' LANGUAGE मे FUNCTTION क्या होता है
FUNCTION का प्रयोग C भाषा मे किया जाता है अर्थात FUNCTION एक प्रोग्राम का भाग है | FUNCTION एक श्वतन्त्र कथनों का समूह होता है जो की प्रोग्राम मे किसी विशेष कार्य को करने के लिए बनाय जाते है | जब प्रोग्राम बहुत बड़े हो जाते है तो उसमे त्रुटियों की संभावना भी बहुत बाद जाती है |
जिससे प्रोग्राम को लिखना तथा उसमे गलतियों को सर्च करना भी एक समस्या हो जाती है तथा इसका संधान भी कठिन हो जाता है जिससे प्रोग्राम को लिखना व त्रुटियों से बचने के लिए FUNCTION का प्रयोग जा सकता है और ये प्रोग्राम पहले से ही बने होते है | इसलए बड़े प्रोग्राम को उनके कार्यों के आधार पर अलग अलग छोटे छोटे भागों मे बाट दिया जाता है | प्रोग्रामे को कई छोटे भागो मे विभक्त करने की इस प्रक्रिया को मॉड्यूलराइजेसन कहते है | तथा इन मॉडुलस को ही FUNCTION कहते है| एक बड़े प्रोग्रामे के छोटे से भाग को FUNCTION कहते है | प्रत्येक function किसी निश्चित कार्य को करने के लिए बनाया जाता है | किसी एक प्रोग्राम मे एक से अधिक function का प्रयोग कर सकते है |
"C" भाषा मे MAIN FUNCTION का प्रयोग जरूर होता है क्योंकि जो कम्पाइलर है वो इसी function से कार्य करना प्रारंभ करता है | यदि आपके प्रोग्राम मे बहुत से STATEMENT को एक साथ किसी फंक्शन मे रख दिया जाता है तो उन्हे बार बार लिखने की आवश्यकता नहीं होती है मुख्य प्रोग्राम को सरल व लघु फंक्शन मे विभक्त करके प्रोग्रामे को आसान व समझने योग्य बनाया जाता है |
उदाहरण
main()
{
GOPALA ();
Print(''\n Don't be silly.");
{
GOPALA ()
{
Print ("\n it is my pleasure ");
{
OUTPUT: it is my pleasure
don't be silly
FUNCTION के प्रमुख लाभ -
- function एक बार लिखे जाने के बाद उसे कई बार प्रयोग किया जा सकता है |
- function के प्रयोग से प्रोग्राम का समाय व कंप्युटर की मेमोरी मे बचत होती है
- फंक्शन के प्रयोग से प्रोग्राम का आकार छोटा हो जाता है |
- इससे प्रोग्रसम मॉडुलस मे डिवाइड हो जाता है अर्थात छोटे छोटे प्रोग्राम मे बटन मॉडुलस कहते है |
FUNCTION के प्रकार
c भाषा मे फंक्शन दो प्रकार के होते है -
1 पूर्व निर्मित फंक्शन (BUILT-IN FUNCTION) - पूर्व निर्मित फंक्शन को लैबरेरी फंक्शन भी कहते है |यह फंक्शन पहले से ही बने बनाए होते है |प्रयोगकर्ता इन फंक्शन का प्रयोग सीधे प्रोग्राम मे कर सकता है | ये सभी फंक्शन हेडर फाइल मे तैयार कर सेट किए जात है | कुछ हेडर फाइल नीचे दिए गए है -
stdio .h : इस हेडर फाइल के अंदर इनपुट \आउट्पुट फंक्शन का प्रोटोटाइप स्टोर रहता है |
example : print f ( ) scan f ( ) put c ( ) get c ( ) get char ( ) puts ( ) gets ( ) put char ( ) आदि है |
string .h : इसके अंतर्गत स्ट्रिंग फंगक्शन character के समूह को सुव्यवस्थित करते है |
example: strlen ( ) strcpy ( ) strcpy ( ) strcrop ( )
ऐसी बहुत सी हेडर फाइल है जो पूर्व निर्मित फंक्शन मे उपसिथित होती है जैसे conio .h , math .h ctype .h आदि |
2 प्रयोगकर्ता द्वारा बनाय गए फंक्शन (USER DEFINED FUNCTION)--प्रयोगकर्ता अपनी आवश्यकता अनुसार विभिन्न प्रकार के फंक्शन का निर्माण विभिन्न प्रकार के कार्य व उद्देश्य हेतु कर सकता है | यह फंक्शन प्रयोगकर्ता के द्वारा बनाया जाता है इसीलिए यह फंक्शन प्रयोगकर्ता द्वारा परिभाषित फंक्शन कहलाते है | कोई भी फंक्शन एक main फंक्शन जैसा ही प्रोग्राम होता है लेकिन इसका नाम main न देकर प्रयोगकर्ता अपने हिसाब से रखता है|
प्रयोगकर्ता किस प्रकार फंक्शन बनाता है उस का नीचे structure दिया गया है _
1 फंक्शन का प्रोटोटाइप - इस चरण मे फंक्शन को घोषित किया जाता है | फंक्शन को घोषित करने का निम्न प्रारूप होता है |
syntax - return_ type function _name (parameter_ list);
function return type -- यह फंक्शन द्वारा रिटर्न किए जाने वाले मान का टाइप होता है |
जैसे void, int, float, char, आदि | यदि फंक्शन का रिटर्न टाइप न लिखा जाए तो फंक्शन के द्वारा डिफॉउलट कन्डिशन मे रिटर्न टाइप int होता है तथा जब फंक्शन द्वारा वैल्यू रिटर्न करवाने की आवश्यकता नहीं होती है तब रिटर्न टाइप void का प्रयोग किया जाता है |
function name - फंक्शन का नाम फंक्शन के कार्य से मिलता है जुलता होना चाहिए | जिससे उस फंक्शन का कार्य समझने मे आसानी हो | फंक्शन का नाम रखने के लिय वेरीअबल के रुल्स को अपनाना चाहिए |
जैसे int add(int a, int b)मे add फंक्शन का नाम है |
parameter -- यह उन सूचनाओ की सूची है जो फंगक्शन को पास किए जाते है फंक्शन मे भेज एवं प्राप्त किए जाते वाले पैरामिटर को argument कहते है |
जैसे int add (int a, int b )मे int a , int b argument है |
2 फंक्शन को काल करना -- किसी प्रोग्राम मे किसी फंक्शन को प्रयोग करना फंक्शन काल कहलाता है | इसके लिए फंक्शन का नाम के आगे कोसठक मे argument लिखकर बाद मे सेमीकॉलम लगाते है |
जैसे add (a, b)
3 function की परिभाषा -- इस भाग मे फंगक्शन के कार्यों को निर्धारित किया जाता है इसके ब्लॉक मे वे स्टैट्मन्ट लिखे जाते है जिन्हे आप क्रियावंतिक कराना चाहते है |
जैसे - int add (int a, int b)
{
statement
}
प्रारूप SYNTAX |
<type><function-name>(parameter/argument)
{
statement ;
.................
}
RECURSION - किसी फंक्शन को स्वंयम के अंदर से स्वयं को ही काल करना रिकर्सन कहलाता है | एक फंक्शन स्वयं को दो तरीकों से काल कर सकता है DIRECT अथवा INDIRECT DIRECT काल करने के तरीके को DIRECT RECURSION तथा INDIRECT कॉल करने के तरीका को INDIRECT RECURSION कहते है |direct recursion मे एक फंक्शन को कॉल करने के लिए उस फंगक्शन का कॉल स्टैट्मन्ट उसी फंक्शन की बॉडी मे लिखा राहत है तथा indirect रिकर्सन मे एक फंक्शन किसी दूसरे फंक्शन के कॉल स्टैट्मन्ट को कॉल कर्ता है |
conclusion - मै आशा करता हु की यह लेख आपको समझ आया ा गया अगर आपको इस लेख मे किसी भी प्रकार की मासीय हो तो आप comment बॉक्स पर जरूर comment करके हमे बताए जिससे हम आपकी help कर सके । अगर आपको इसी तरह के लेखन चाहिए तो फॉलो करे ।
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